क्या आप जानते हैं कि सगाई की अंगूठी हमेशा बाएं हाथ की चौथी उंगली में ही क्यों पहनाई जाती हैं ?

क्या आप जानते हैं कि सगाई की अंगूठी हमेशा बाएं हाथ की चौथी उंगली में ही क्यों पहनाई जाती हैं ?

एक कपल ने शुरू की थी ये परंपरा
शादी एक पवित्र बंधन हैं। हमारे हिंदू धर्म में शादी से पहले कई तरह की रस्मे की जाती हैं जैसे कि सगाई की रस्म। हम अक्सर देखते हैं कि सगाई की अंगूठी हमेशा बाएं हाथ की चौथी उंगली में ही पहनाई जाती है लेकिन ये अंगूठी इसी हाथ में क्यों पहनाई जाती है।

सगाई की रस्म

 

दरअसल, इसे विवाह का चिन्ह माना जाता है। कहते हैं कि यह परंपरा एक कपल ने शुरू की थी। पहली बार एक कपल ने शादी के समारोह में शुरू की गई थी। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। उस समय में यह माना जाता था कि बांए हाथ की चौथी उंगली की नस सीधे दिल से जुड़ी होती है। इसके कारण इस नस को प्यार की नस कहा जाता था। पश्विमि देश के लोगों को इस परंपरा में अधिक विश्वास था। इसी वजह से वे अपने बाएं हाथ की चौथी उंगली में अंगूठी पहनने लगे।

यह परंपरा एक कपल ने शुरू की थी।

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